जीजा जी के साथ की चुदाई

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जीजा जी के साथ की चुदाई


माई डीयर फ्रेंड्स, मेरा नाम रेखा है. मैं अपनी पहली कहानी आप लोगों को बताने जा रही हूँ. मैं अभी कॉलेज में हूँ और पढ़ाई करती हूँ. मैं कॉलेज में गयी, तब से मुझे सेक्स के बारे में सब कुछ पता चल गया था. मैं अपनी सहेलियों के साथ कॉलेज जाती थी. मेरी सहेलियों के ब्वॉयफ्रेंड थे और वो लोग मेरे सामने अपने अपने ब्वॉयफ्रेंड की बातें करती थीं, तो मुझे भी मन करता था कि मेरा भी एक ब्वॉयफ्रेंड हो तो मेरी लाइफ भी अच्छी होती.
मैं वैसे दिखने में बहुत सुन्दर हूँ लेकिन मैं लड़कों को ज्यादा भाव नहीं देती थी, इसलिए जो लड़के मुझे लाइन मारते थे उनको मैं अपना ब्वॉयफ्रेंड नहीं बनाती थी. मुझे बाद में ये महसूस हुआ कि मुझे उन लड़कों को देखकर स्माइल करना चाहिए.
मेरी एक सहेली ने मुझे बताया कि अगर कोई लड़का तुमको लाइन मार रहा है और तुम उसको देखकर स्माइल करोगी तो ही वो तुमसे बात करेगा और हो सकता है कि तुम्हारा ब्वॉयफ्रेंड भी बन जाए.
मैं अब उन लड़कों को देखकर स्माइल करने लगी, जो लड़के मुझे देखकर स्माइल देते थे. इस तरह से मैंने एक नहीं, दो ब्वॉयफ्रेंड बना लिए. वो लोग मुझे आकर मुझे अपनी गर्लफ्रेंड बनाने के लिए बोले और मैं भी मान गयी. मेरी सारी सहेलियों के भी कई ब्वॉयफ्रेंड थे, इसलिए मैंने भी दो ब्वॉयफ्रेंड बना लिए.
कुछ ही दिनों बाद मैंने एक ब्वॉयफ्रेंड के साथ सेक्स भी कर लिया था. पहली बार हम दोनों ने एक होटल में सेक्स किया था. जबकि दूसरे ब्वॉयफ्रेंड के साथ अभी तक केवल चूमाचाटी का मजा ही किया था.. ऊपर से उसने मेरे दूध दबाए थे.
अब मैं बहुत खुश थी कि मेरे दो ब्वॉयफ्रेंड हैं, लेकिन क्या करें धीरे धीरे मैं अपने ब्वॉयफ्रेंड्स से अलग हो गयी क्योंकि परिवार की वजह से मुझे ये सब करना पड़ा. मेरा उस चोदू वाले मेरे ब्वॉयफ्रेंड से मेरा ब्रेकअप हो गया क्योंकि मेरे बारे और मेरे ब्वॉयफ्रेंड के बारे में मेरे घर की तरफ के एक लड़के ने मेरे परिवार वालों को सब बता दिया था कि मैं कॉलेज में एक लड़के से बात करती हूँ. उसने हम दोनों को किस करते हुए भी देख लिया था. मैंने उस दिन अपने घर में बहुत डांट खाई थी और मुझे तो मम्मी ने पीटा भी था.
इसके बाद मैं अपने दोनों ब्वॉयफ्रेंड्स से अलग हो गयी और अब अपनी जिन्दगी में अकेली रहने लगी. मुझे अपने ब्वॉयफ्रेंड्स के साथ बिताये वो सब कुछ पल याद आते थे. मुझे बिना किसी ब्वॉयफ्रेंड के रहना मुश्किल सा लगने लगा था.
मैं एक दिन अपने ब्वॉयफ्रेंड को कॉलेज में देखा कि वो एक लड़की से हंस कर बात कर रहा था. ये देख कर मुझे बहुत बुरा लगा था कि हमारे ब्रेकअप को कुछ ही दिन हुए थे और उसने एक और लड़की को अपनी गर्लफ्रेंड बना लिया.
अब मैं अपने कॉलेज में अब ब्वॉयफ्रेंड के चक्कर में नहीं पड़ती थी और इस तरह की सब प्यार मोहब्बत से मेरा विश्वास खत्म हो गया था.
मेरी सहेली ने मुझे बताया कि वो अपने जीजू के साथ सेक्स करती है. हम दोनों लोग एक दूसरे को सब कुछ बताते रहते थे. मेरी ये सहेली ही एक ऐसी थी, जिसको पता था कि मैं अपने ब्वॉयफ्रेंड से होटल में जाकर चुदवा चुकी थी.
दरअसल मेरी इसी सहेली ने सेक्स करने में मेरी बहुत सहायता की थी. मुझे सेक्स के बारे में कुछ भी अनुभव नहीं था. उसने ही मुझे ये सब बताया था. मेरी सहेली की ये बात सुनकर मुझे बहुत अजीब लगा कि वो अपने जीजू से सेक्स करती थी. उसने मुझे बाद में बताया कि जीजू से सेक्स करने में फायदा है कि चूत को लंड भी मिल जाएगा और घर की बात घर में ही रह जाएगी.
मैं भी ये बात समझ गयी थी और मेरी चचेरी दीदी के भी पति जो कि मेरे जीजू थे.. उनके बारे में मैं भी सोचने लगी कि मैं भी अपने जीजू से चुदूँगी तो घर की बात घर में ही रह जाएगी.
मुझे ये बात मेरी सहेली ने बताई थी कि घर में सेक्स करने से यही फायदा है और मुझे ये बात अच्छी भी लगी थी. मैं पहले अपने जीजू से ज्यादा बात नहीं करती थी लेकिन अब जब भी जीजू दीदी को लेकर आते थे तो मैं जीजू से बात करती थी.
मैं अब कॉलेज के ब्वॉयफ्रेंड के बारे में नहीं सोचती थी. मुझे सेक्स करने का मन करता था लेकिन मैं कुछ नहीं कर पाती थी. मैं करती भी तो क्या करती अगर बाहर किसी से सेक्स करती और घरवालों को पता चल जाता था, तो मुझे बहुत मार पड़ती. मैं अपने घरवालों से बहुत डरती थी.
खैर.. जीजू और मेरे बीच में नजदीकियां बढ़ने लगी और हम दोनों लोग रोज एक दूसरे से बात करने लगे. मेरी सहेली से मैं ये सब बताती थी कि मैं अपने जीजू से क्या बात करती हूँ और मेरी सहेली भी मुझे सारी बातें बताती थी कि इसके आगे क्या करना है.
मेरी सहेली ने मुझे बताया कि अब तुम अपने जीजू से बात करना कम कर दो.
मैंने अपने जीजू से बात करना कम कर दी, तो जीजू मुझसे और भी बात करने लगे और मुझे बात करने के लिए मनाने लगे.
एक दिन जीजू अचानक से अकेले मुझसे मिलने के लिए मेरे घर आये. घर में मैं और मम्मी थे और घर के लोग बाहर गए थे.
मम्मी ने पड़ोस वाली चाची के साथ डॉक्टर के पास जाना था, डॉक्टर से अपॉइंटमेंट ले रखी थी तो उनका जाना जरूरी था. मम्मी ने मुझे कहा- तुम जीजू को खाना खिला दो.
यह कह कर मम्मी पड़ोस की चाची के साथ डॉक्टर के पास चली गईं. घर में मैं और जीजू हम दोनों लोग ही अकेले रह गए थे.
जीजू मुझसे पूछने लगे- रेखा क्या बात है.. आजकल तुम मुझसे बात क्यों नहीं कर रही हो?
मैं जीजू से कुछ नहीं बोल रही थी और बस उनके सामने बैठ गई थी.
तभी जीजू ने मुझे अपनी बाहों में ले लिया और मुझे किस करके बोले- मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूँ.
मैं भी तो ये ही चाहती थी और मेरी सहेली की बताई हुई चीज अब काम आ गयी थी. मैं जीजू को ये चाहती थी कि वो मुझे सेक्स करने के लिए मनाएं और ऐसा ही हुआ. जीजू मुझे किस करने लगे. मुझे तो सेक्स करने का मन पहले से ही था. लेकिन अब भी सहेली के बताए अनुसार मैं जीजू का साथ नहीं दे रही थी. जबकि जीजू मुझे किस कर रहे थे.
कुछ देर बाद जब मुझसे भी नहीं रहा गया तो मैं भी अपने जीजू को किस करने लगी. मैं भी जीजू के बालों को नोंचने लगी. जीजू और मैं हम दोनों लोग एक दूसरे को चूमने लगे चाटने लगे.
हम दोनों लोग के किस करने से सेक्स का माहौल बन गया और जीजू मेरे सारे कपड़े निकालने लगे.
मेरी सहेली ने जैसे बताया था, मैं वैसे ही कर रही थी. मेरी सहेली ने बताया था कि जब जीजू तुम्हारे साथ कुछ करें, तो तुम चुपचाप रहना.
इस वक्त जीजू मेरे कपड़े निकाल रहे थे और मैं चुपचाप खड़ी थी. जीजू ने मेरे कपड़े निकालने के बाद मेरी ब्रा और पेंटी भी निकाल दिए और मेरी चूचियों को दबाने लगे. जीजू मेरे मम्मों को अपने मुँह में लेकर चूसने लगे. वो मेरी चूचियों को ऐसे चूस रहे थे जैसे उनको बहुत दिन से मेरे जैसे चूचे चूसने के लिए नहीं मिले हों.
जीजू मेरे मम्मों को खूब चूसने के बाद बोले- तुम्हारे चूचे बहुत मुलायम हैं.. जबकि तुम्हारी दीदी को चोदते चोदते तो मेरा मन भर गया है, इसलिए मैं कभी कभी अपने पड़ोस की गर्लफ्रेंड को भी चोद लेता हूँ.
जीजू मेरे मम्मों को चूसने के बाद मेरी चिकनी चूत को चाटने लगे. मुझे बहुत अच्छा लगने लगा. मेरे ब्वॉयफ्रेंड ने भी मेरी चूत को चाटा था, लेकिन जीजू का चूत चाटने का स्टाइल ही अलग था. वो मेरी चूत को चाट रहे थे और मेरी चूत के दाने को मसल रहे थे जिससे मैं और भी चुदासी हुई जा रही थी.
जीजू के चूत चाटने से मेरी चूत से पानी निकल गया. जीजू ने मेरी चूत के रस को मलाई समझ कर पूरा चाट लिया.
मेरी चूत चाटने के बाद जीजू ने मुझे बिस्तर पर लेटा दिया और उसके बाद वो मेरी दोनों टांगों को फैला कर चूमने लगे. जीजू मेरी जांघों को दबाने लगे और उसके बाद वो अपना लंड मेरी चूत में डालने लगे.
मेरी चूत में जीजू का लंड नहीं जा रहा था, क्योंकि मैं अपने ब्वॉयफ्रेंड से बहुत दिन से नहीं चुदी थी. इसलिए मेरी चूत थोड़ी टाइट हो गयी थी. जीजू मेरी चूत में अपनी दो उंगली डाल कर मेरी चूत में अन्दर बाहर करने लगे और उसके बाद वो अपना लंड मेरी चूत में डाल कर मुझे चोदने लगे.
मुझे बहुत दर्द हो रहा था और मैं जोर जोर से चिल्लाने लगी. घर में कोई नहीं था.. इसलिए मैं थोड़ा जोर से चिल्ला रही थी. जीजू तो मुझे चोदने में धकापेल लगे थे.. मेरी चूत में जीजू का लंड बड़ी तेजी से अन्दर बाहर होता जा रहा था. वे मेरी चूची को चूस चूस कर चूत चोद रहे थे.
कुछ ही देर में मुझे भी मजा आने लगा और अब जीजू और मैं हम दोनों जीजा साली पूरी मस्ती से सम्भोग का मजा ले रहे थे. चुदाई के साथ जीजू मेरे गुलाबी गालों को चूम और काट भी रहे थे और लंड के धक्कों से मुझे चोद भी रहे थे. हम दोनों लोग सेक्स करने में मदहोश हो गए थे.
हम दोनों लोग सेक्स करते करते अब चरम पर आ गए थे और हम दोनों का पानी निकलने को होने लगा था. बस दो तीन झटकों में ही हम दोनों सेक्स करते करते झड़ गए. जीजू और मैं हम दोनों लोग सेक्स करने के बाद एक दूसरे को देख कर हंसने लगे और हम दोनों नंगे ही एक दूसरे को किस करने लगे.
कुछ पल बाद मैं उठ कर बाथरूम में गयी और अपनी चूत को पानी से साफ़ किया. उसके बाद नंगी ही बाथरूम से बाहर आ गयी. जीजू मुझे नंगा देख रहे थे. उन्होंने मुझे अपनी तरफ खींच कर खुद से लिपटा लिया और मुझे किस करने लगे. हम दोनों एक दूसरे को फिर से किस करने लगे. हालांकि हम दोनों एक दूसरे से नजरें नहीं मिला रहे थे, लेकिन हम दोनों लोग एक दूसरे को बहुत अच्छे से किस कर रहे थे.
कुछ ही देर में जीजू मेरी चूत को दुबारा चाटने लगे. मेरी चूत एकदम चिकनी थी और मेरी चूत से पानी निकल रहा था. मैं एक बार चुद गई थी लेकिन मेरे अन्दर और भी चुदवाने का मन कर रहा था और जीजू को भी मुझे चोदने का मन कर रहा था.
जीजू ने कुछ देर तक मेरी चूत को चाटने के बाद अपना लंड मेरी चूत में अन्दर पेल दिया और मजे से अन्दर बाहर करने लगे. इस बार हम दोनों लोग उत्तेजित होकर सेक्स कर रहे थे. जीजू मुझे बड़ी ताकत से चोदे जा रहे थे और अब तो वे मुझसे नजरें भी मिला रहे थे. लेकिन मैं झिझक के मारे अपने जीजू से नजर नहीं मिला पा रही थी. जीजू मुझे चूमते चाटते हुए मेरा नाम लेकर मुझे लंड अन्दर बाहर होते देखने के लिए बोलकर चोदे जा रहे थे.. लेकिन मैं सिर्फ उनके लंड का अहसास अपनी चूत में करके मजे से चुदती जा रही थी.
जीजू कुछ देर मुझे यूं ही चोदने के बाद बोले- अब पीछे से चोदूंगा.
मैं मान गई, तो उन्होंने मुझे घोड़ी बना दिया और उसके बाद वो मुझे घोड़ी बनाकर चोदने लगे.
तभी जीजू ने मुझे चोदते चोदते अपना लंड बाहर निकाल लिया और कुत्ते के जैसे मेरी गांड को सूंघने लगे. मैंने उनसे फिर से लंड अन्दर डालने का कहा, तो जीजू ने मेरी कमर को पकड़ कर अपना लंड मेरी चूत में एक झटके में ही पूरा पेल दिया और मुझे चोदने लगे.
इस वन शॉट में लंड डालने से मैं थर्रा सी गई थी. इस बार जीजू के लंड की चोट सीधी मेरे गर्भाशय पर लगी थी.
कुछ ही देर में मुझे मजा आने लगा और हम दोनों मस्ती से सेक्स करने लगे. जीजू मेरी चूचियों को भंभोड़ते हुए मुझे धकापेल चोदे जा रहे थे. कुछ ही देर में चिल्लाते हुए झड़ गई और मेरे झड़ते ही जीजू भी झड़ने हो हो गए.
जीजू ने मुझे चोदने के बाद अपना लंड मेरी चूत से बाहर निकाला और सारा माल मेरी कमर पर गिरा कर उसे लंड से से मेरे चूतड़ों पर मलने लगे.
उसके बाद बाथरूम में जाकर जीजू ने मेरी कमर को साफ़ किया. मैं और जीजू हम दोनों लोग बाथरूम में शावर के नीचे खड़े होकर नहाने लगे और हम दोनों ने अपने आपको साफ़ किया.
मैं अपने कपड़े पहनकर रसोई में काम करने चली गयी. मेरी मम्मी भी कुछ देर के बाद डॉक्टर के पास से आ गईं. जीजू उस दिन हमारे घर रुके थे, लेकिन रात को हम दोनों लोग सेक्स नहीं कर पाए क्योंकि घर के सारे लोग रात को आ गए थे. तब भी मैंने और जीजू ने रात को छत पर जाकर एक दूसरे को खूब किस किये और उसके बाद मैं अपने कमरे में जाकर सो गयी.
जीजू अगले दिन चले गए और उसके बाद हम दोनों लोग आज तक संपर्क में हैं. जब भी हम दोनों को मौका मिलता है हम दोनों चुदाई का मजा ले लेते हैं.

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